Last updated on June 30th, 2025 at 12:37 pm
Bihar e-Voting 2025: बिहार अब भारत का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जो शहरी निकाय चुनावों में ई-वोटिंग (e-Voting) प्रणाली को अपनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया के सपनों को साकार करती है, बल्कि लोकतंत्र को और भी अधिक सुलभ, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
क्या है e-Voting ?
e-Voting (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग) एक आसान तरीका है जिसमें लोग अपने Mobile या Computer से घर बैठे ही सुरक्षित रूप से वोट डाल सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो किसी वजह से वोटिंग केंद्र नहीं जा पाते।
बिहार ई-वोटिंग (Bihar Online Voting) की खासियतें
बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने Android Mobile App के माध्यम से e-Voting की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस तकनीक में कई उन्नत सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली विशेषताएं शामिल होंगी:
1. Moblie Application
- दो विशेष App का उपयोग: “e-Voting SECBHR”
- एक App C-DAC द्वारा बनाया गया है और दूसरा राज्य चुनाव आयोग ने विकसित किया।
2. अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक
- Block chain Technology से वोट डेटा संरक्षित रहेगा।
- Liveness Detection व Face Recognition से वोटर की पहचान सुनिश्चित होगी।
- यह प्रणाली धोखाधड़ी को रोकने और मतदाता सत्यापन के लिए बेहद उपयोगी होगी।
3. Audit Trail System
- जैसे EVM के साथ VVPAT होता है, वैसे ही यहां हर वोट का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा।
- इससे ट्रांसपेरेंसी और विश्वसनीयता बनी रहेगी।
e-Voting के लाभ
ई-वोटिंग प्रणाली अपनाने से लोकतंत्र में भागीदारी को और अधिक समावेशी बनाया जा सकता है:
- प्रवासी मतदाताओं को अब घर बैठे वोट देने की सुविधा मिलेगी।
- युवाओं और डिजिटल उपयोगकर्ताओं के लिए बेहद सरल और सहज अनुभव।
- मतदान प्रतिशत में संभावित वृद्धि।
- समय और संसाधनों की बचत, लंबी कतारों से मुक्ति।
e-Voting में संभावित चुनौतियाँ
हालांकि यह प्रणाली आधुनिक है, लेकिन कुछ सावधानियाँ और चुनौतियाँ भी हैं:
- Cyber Security और Hacking का खतरा।
- घर से मतदान के दौरान गोपनीयता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना कठिन।
- जिनके पास इंटरनेट या मोबाइल नहीं है उन्हें समस्या आ सकती हैं।
बिहार में e-Voting की शुरुआत न केवल तकनीकी प्रगति का संकेत है बल्कि यह देश के चुनावी ढांचे के डिजिटलीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह पहल तब ही पूरी तरह सफल हो सकती है जब इसके साथ Cyber Security, जागरूकता अभियान और सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।